Attitude is not just about words—it’s about confidence, personality, and the way you carry yourself. Shayari has become a popular way to express that bold mindset, allowing people to showcase their fearless nature through powerful and stylish lines.
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ज़ख्मों पे नमक छिड़कते हैं हम तो बस यूँ ही,
हँसते हैं ज़माना जब रोता है हमारे सामने।
हँसते हैं ज़माना जब रोता है हमारे सामने।
तेरे शहर का कानून है ही ज़ालिम मेरे यार,
हम रूकते नहीं, सड़कें मोड़ देते हैं।
हम रूकते नहीं, सड़कें मोड़ देते हैं।
दिल काला कर लिया है हमने अपने हाथों,
अब सियाही में भी नूर ढूंढ़ते हैं हम।
अब सियाही में भी नूर ढूंढ़ते हैं हम।
हम बदमाश नहीं, तकदीर के गुलाम थे,
जिस दिन जंजीर तोड़ी, उस दिन नाम बदमाशी मिला।
जिस दिन जंजीर तोड़ी, उस दिन नाम बदमाशी मिला।
तेरे इश्क़ की बदमाशी ये है सनम,
तेरी गली में मरते हैं, मगर मौत से पहले तेरा दरवाज़ा तोड़ आते हैं।
तेरी गली में मरते हैं, मगर मौत से पहले तेरा दरवाज़ा तोड़ आते हैं।
जिन्हें हम प्यार देते हैं, वो ही दाग़ देते हैं,
अब हम दाग़ नहीं, दहशत देते हैं।
अब हम दाग़ नहीं, दहशत देते हैं।
हमारी बदमाशी में तमाशा नहीं छुपा,
तन्हाई में रोते हैं, मेहफ़िल में लुटा देते हैं।
तन्हाई में रोते हैं, मेहफ़िल में लुटा देते हैं।
ख़ुदा से भी बगावत कर दी हमने,
जब उसने हमारी मोहब्बत का मज़ाक़ बना दिया।
जब उसने हमारी मोहब्बत का मज़ाक़ बना दिया।
सड़कों की रातों में हमने इश्क़ पढ़ा,
प्यार का सबक़ सिखाने वाला हर उस्ताद बदमाश है।
प्यार का सबक़ सिखाने वाला हर उस्ताद बदमाश है।
हमें जो रोकने आया, उसके हाथ दिए दीवार से,
ये बदमाशी नहीं, ये तरीका है अपनी हदों को न मिटने देने का।
ये बदमाशी नहीं, ये तरीका है अपनी हदों को न मिटने देने का।
तू फूलों की नरमी से लड़, हमारा जंगल है सियाह,
तेरे दिल की क़ैद में हम आज़ाद बदमाश हैं।
तेरे दिल की क़ैद में हम आज़ाद बदमाश हैं।
रोशनी बांटने वालों ने हमें बुझा दिया था,
अब हर शमा के पीछे एक तूफ़ान खड़ा है।
अब हर शमा के पीछे एक तूफ़ान खड़ा है।
माफ़ी नहीं माँगते, लेकिन हर घुटने में सज़दा है,
हमारी बदमाशी भी किसी ख़ुदा का वास्ता है।
हमारी बदमाशी भी किसी ख़ुदा का वास्ता है।
तेरे काँधे पे सर रख के रो लेता हूँ रातों में,
दिन को वही हाथ पत्थर उठा लेते हैं।
दिन को वही हाथ पत्थर उठा लेते हैं।
हमने बदमाशी में भी तरक्की कर ली साहब,
अब दुश्मन की आँखों में अपना ख़्वाब देखते हैं।
अब दुश्मन की आँखों में अपना ख़्वाब देखते हैं।
मेरे हाथों की लकीरें तो कट्टी हुई थीं जन्म से,
बदमाशी ने उनमें दरिया बहना सिखा दिया।
बदमाशी ने उनमें दरिया बहना सिखा दिया।
हम रोते हैं तो पानी में आग लग जाती है,
समझ लो बदमाशी हमारा तौर-ए-तक़दीर है।
समझ लो बदमाशी हमारा तौर-ए-तक़दीर है।
कानून ने सिखाया हमें झुकना, तो गर्दन तोड़ दी,
अब खड़े हैं ऐसे कि साया भी सीधा नहीं।
अब खड़े हैं ऐसे कि साया भी सीधा नहीं।
हम नहीं बुरे, बस थक गए हैं अच्छे बनके,
बदमाशी सिर्फ एक मुखौटा है, नीचे घाव सूखते हैं।
बदमाशी सिर्फ एक मुखौटा है, नीचे घाव सूखते हैं।
आख़िरी शराब भी हम पी चुके हैं बदमाशी की,
अब तो बस एक बात है – मौत भी अगर आए, तो हँसके भेंट करेंगे।
अब तो बस एक बात है – मौत भी अगर आए, तो हँसके भेंट करेंगे।




