20 Sad and Heartfelt Miss You Shayari in Hindi

Miss You Shayari in Hindi

Missing someone can be one of the most powerful emotions we experience. Whether it’s a loved one who is far away, a special friend, or someone who holds a permanent place in your heart, the feeling of longing often becomes difficult to express in simple words.

That’s where heartfelt poetry can help. In this collection of Miss You Shayari in Hindi, you’ll find emotional lines that perfectly capture the pain, love, and memories associated with missing someone. These Miss You Shayari in Hindi are ideal for sharing your feelings and letting others know they are always on your mind.

तेरे झूठे वादों का घर था ये दिल,
तेरे जाने के बाद भी तुझसे भरा है ये दिल।
मैं तुझे भूलूँ तो क्या भूलूँ,
हर साँस पर तेरा ही नाम लिखा है ये दिल।
तेरे साथ बिताए हर लम्हे को रोता हूँ,
तेरे बेवफा होने को नहीं, बस उस प्यार को रोता हूँ।
जिसने मुझसे कहा था – “तू मेरा है”,
अब वही चेहरा किसी और का होता देखकर रोता हूँ।
तू अब भी मेरी नींदों में आता है,
पर हकीकत में किसी और के साथ सोता है।
मैं तुझे मिस नहीं करता –
हर सुबह उठकर तेरा झूठा चेहरा कोसता हूँ, फिर भी रोता हूँ।
तूने धोखा दिया तो सहा, मगर साथ ये भी दिया –
के अब किसी पर भरोसा ना करूँ, बस तुझे याद करूँ।
तेरे बिना जीना सीख लिया, पर हर खुशी में तेरा नाम क्यूँ आता है?
क्या यही प्यार था, या मैं खुद को धोखा देता रहा हूँ?
तेरी यादें बारिश की तरह बेमौसम आती हैं,
भीगता हूँ तो रुलाती हैं, जलाती हैं।
तूने किसी और को चूमा वही होंठ,
जिनसे मुझसे झूठ बोला था – “तेरे बिना नहीं जी सकती”
मैं तुझसे नाराज़ नहीं, बस उदास हूँ बहुत,
तेरी खूबसूरत बेवफाई ने मुझे तोड़ा नहीं, बल्कि पिघला दिया।
जब भी तू याद आता है, अपनी तस्वीर देखता हूँ –
वो शख्स जो तुझसे प्यार करता था, अब किसी और में ढल गया।
तू मुझसे मिलने को बेकरार नहीं, मैं जानता हूँ,
पर मैं तुझसे कहाँ मिलता – तू तो मेरे अंदर बसता है।
धोखा देने वाला ही धोखेबाज नहीं होता,
जिसने धोखा खाया, वो भी पागल होता है – बारबार उसी को याद करता है।
तेरे जाने के बाद घर सूना नहीं लगता,
बल्कि तेरा झूठा प्यार हर दीवार पर लटकता है।
मिस करता हूँ तुझे उस तरह नहीं जैसे कोई अपनों को करे,
मिस करता हूँ उस शख्स को जो मुझसे कहता था – “तू मेरा है, बस मेरा।”
तूने मुझे छोड़ा तो समंदर का पानी भी रो पड़ा,
पर तू हँसी – क्योंकि तेरे पास किनारा और था।
मैं आज भी तेरे इंतजार में बैठा हूँ उसी घाट पर,
जहाँ तूने मुझे डुबोया था, फिर किसी और को तैरना सिखाया।
तेरी फोटो जलाने का दिल करता है, मगर हाथ नहीं उठता,
तेरा झूठा नाम मिटाने का जी करता है, मगर रात ढलते ही तू वापस आता है।
मैं तुझे मिस करता हूँ अपनी कमज़ोरी नहीं, अपनी तबाही समझकर,
फिर भी हर बार कहता हूँ – “काश तू सच्चा होता, बस एक बार।”
तुझसे मिलते वक्त जो चमक थी आँखों में,
वो अब बुझ गई है – पर तेरे लिए नहीं, अपने भोलेपन के लिए।
मिस करता हूँ उस दिन को जब मैं तुझे पूरा आसमान समझता था,
आज पता चला – तू तो बस एक टूटा हुआ तारा था, जो बिक गया किसी और के लिए।
तेरे बेवफा होने का दर्द सीना नहीं, पीना है मुझे,
जैसे कोई ज़हर पीकर भी प्यासा रहे – मैं तुझे देखकर भी तरसता हूँ।
तू मेरी नहीं है, ये मैं मान गया,
पर तू किसी और की है, ये मेरा दिल मानता क्यूँ नहीं?
जिस शख्स ने मुझे सिखाया था “प्यार में धोखा नहीं होता”,
उसी ने मुझे सबसे पहला धोखा दिया।
अब मैं तुझे मिस करूँ तो किसको मिस करूँ –
झूठे को, या उस खूबसूरत झूठ को, जो तूने मेरे लिए बुना था?
तेरे साथ बिताई रातें अब ज़हर जैसी लगती हैं,
फिर भी हर रात वोही रातें याद आती हैं।
तूने मुझे चुराया था अपने झूठे प्यार से,
और फेंक दिया – पर मैं अब भी तेरे उस चोर चेहरे को पुकारता हूँ।
धोखे का दर्द अगर कोई पी सकता, तो मैं पी चुका,
पर तुझे भूलने का रोग अब लाइलाज है।
तेरे बिना जीने से अच्छा है कि मैं मर जाऊँ,
पर तेरी याद इतनी सच्ची है कि मरते हुए भी तेरा ही नाम लूँगा।
तूने मुझसे कहा था “तू मेरी रूह है”,
फिर किसी और को अपनी रूह कैसे बना लिया?
मैं तुझे मिस नहीं करता – मैं तो बस अपनी उस लाश को ढो रहा हूँ,
जिसे तूने ज़िंदा होते ही दफना दिया था।
तेरा हर किस्सा अब किसी और के नाम से शुरू होता है,
और मेरा हर किस्सा तेरे नाम पर खत्म होता है।
मैं तुझे मिस करता हूँ – तू मुझे नहीं,
ये फर्क नहीं, ये तो एक खूनी फ़ैसला है।
तेरी चाहत में अपने आँसू पी लिए मैंने,
पर तूने तो अपने नए प्यार के लिए हँसना भी मुझसे उधार लिया।
मैं आज भी सोचता हूँ – क्या मैं तुझे मिस करूँ या अपना वक्त,
जो तुझ जैसे पत्थर पर बहा दिया।
तूने मुझसे नाता तोड़ा तो मैं टूटा,
पर तूने किसी और से नाता जोड़ा तो मैं बिखर गया।
मिस करता हूँ उस शख्स को जो कभी मुझसे कहता था –
“तू टूटा तो मैं तुझे जोड़ लूंगा”, आज वही मुझे तोड़कर जा रहा है।
आखिरी बात – तुझे मिस करना मेरी आदत नहीं, मेरी सज़ा है,
जो तूने मुझे उस दिन दे दी जब तू किसी और की बाँहों में पलीता लगा रही थी।
मैं नहीं कहता “तू बुरा है”,
बस इतना कहता हूँ – “तेरे बिना जीना आ गया, पर तुझसे बगैर मरना नहीं आता।”